राम-कृष्ण के अपमान का ट्रेंड कब तक चलता रहेगा? संस्कृत को विदेशी भाषा बताने वाली सोच का विश्लेषण
संस्कृत का विरोध वैभवशाली भारतीय विरासत का विरोध है. संस्कृत को विदेशी भाषा बताना समृद्ध वैदिक विरासत का अपमान है. वहीं मौलाना का बयान करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है.
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